लोमड़ी की रेल यात्रा

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Screenshot 20210702 105411 PATHIKBROTHER'S/BRAND SHOP PATHIKBROTHER'S/BRAND SHOPवन में आग की तरह खबर फैल गई थी कि इस बार लोमड़ी रेल की यात्रा करके आई है ,वह भी साधारण रेल नहीं बल्कि मेट्रो रेल की यात्रा करके आई है, अतः सभी जानवर इकट्ठा होकर लोमड़ी के घर गए, लोमड़ी अपने घर के बरामदे में बैठकर धूप सेक रही थी ,उसने बहुत से जानवरों को एक साथ देखा तो वह बुरी तरह घबरा गई अरे क्या बात है? यह सब एक साथ कहीं वन में कोई गड़बड़ तो नहीं हो गई, वह सोच ही रही थी कि तभी सब अंदर आ गए और उसे घेर कर खड़े हो गए, नमस्ते लोमड़ी चाची सभी जानवर एक स्वर में बोले, नमस्ते -नमस्ते लोमड़ी ने भी सभी का अभिवादन किया, चाची जी आप सैर कराई और लौटने की हमें खबर भी नहीं दी, भालू जी ने शिकायती लहजे में कहा ,और यदि आप हमें पहले बताते तो हम भी आपके साथ यात्रा पर चलते , डब्लू हिरन बोला ,”दरअसल मुझे बहुत जरूरी काम से अचानक जाना पड़ा था इसलिए मैं बिना बताए अकेले ही चली गई लोमड़ी चाची बोली” अबकी बार में ध्यान रखूंगी ,”चाची जी आप हमें अपनी यात्रा के बारे में बताएं कि आप कहां कहां गई और क्या-क्या देखा? सिंपू बंदर ने उस चलते हुए पूछा ,जरूर जरूर मैं सब बताऊंगी तुम सब बैठ जाओ, लोमड़ी चाची के कहने पर सब बैठ गए ,”और आप हमें यह भी बताना कि आप किस है रेल से गए और वह कैसी थी रिंकू बदरिया बोली” जरूर  चाची मुस्कुराते हुए बोली, सुनो इस बार मैं एक नई रेल यात्रा गई जिसे “मेट्रो रेल कहते हैं “भारत में पहले केवल कोलकाता में चलती थी परंतु अब दिल्ली में भी चलने लगी है ,इसकी बनावट आधुनिक है ,और इसमें सभी सुविधाएं मौजूद हैं, लोमड़ी चाची ने बताना शुरू किया , हिरनी ने पूछा “जमीन के अंदर चलने वाली रेल मेट्रो रेल कहलाती है “मतलब अंडर ग्राउंड रेल मेट्रो रेल कहलाती है ,भारत में एकमात्र कोलकाता ही ऐसा शहर था जहां इस प्रकार की रेल चलती थी, परंतु अब दिल्ली में भी यह सेवा शुरू हो गई है, और जयपुर में भी इसे शुरू करने का विचार है ,यह सेवा 10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहर में शुरू की जा सकती है, यह महंगी जरूर होती है परंतु काफी सुविधाजनक रहती है, चाची जी बोली ,”चाची जी हमें और रेलों के बारे में भी बताएं  गिलहरी ने पूछा”? अच्छा सवाल किया है तुमने ,लूणी चाची आगे बोली तुम्हें यह तो पता ही होगा कि भारत में काफी स्पीड वाली सुपरफास्ट ट्रेन चलती है ,”जैसे राजधानी शताब्दी एक्सप्रेस “आदि कुछ सही रेलवे रेल गाड़ियां भी हैं जैसे अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं जैसे पैलेस ऑन व्हील्स आदि महाराजा आदि इनके अलावा यात्रियों को एक जगह से दूसरे दूसरे जगह पहुंचाने के लिए मेल ,एक्सप्रेस पैसेंजर ,आज बहुत सी रेलगाड़ियां चलती है माल ढोने के लिए माल गाड़ियां हैं, जिनमें आयरन ,कोयला, स्टील, फर्टिलाइजर्स ,सीमेंट ,पेट्रोलियम ,अनाज धोया जाता है भारत की रेल सेवा एशिया में सबसे बड़ी रेल सेवा है ,विश्व में इसका चौथा स्थान है, “हमें विश्व की कुछ विशेष ट्रेनों के बारे में भी बताएं हम जानना चाहते हैं “कि भारत के अलावा विश्व में और कहां-कहां रेल चलती हैं? चिंपू बंदर ने पूछा वैसे तो करीब-करीब हर देश में रेल सेवा है पर सबसे ज्यादा रेलवे का जाल पश्चिम यूरोप और उत्तरी अमेरिका में है, ग्रैंड ओरियंट एक्सप्रेस फ्रांस में पेरिस और टर्की में इस्तांबुल के मध्य चलती है, यह कई देशों से होकर गुजरती है, ट्रांस साइबेरियन रेलवे विश्व में सबसे बड़ी रेल सेवा है ,यह एशिया में सेंट पीटर्सबर्ग और दोस्तों के मध्य चलती है ,यहां तक चलने में करीब 1 सप्ताह लगता है सबको बड़ा आश्चर्य हुआ क्या अमेरिका और जापान में भी ट्रेनें चलती हैं अमेरिका और जापान में भी ट्रेनें चलती हैं अमेरिका और कनाडा में भी और प्रशांत महासागर के किनारे बसे शहर ट्रांस कॉन्टिनेंटल रेलवे से जुड़े हैं इस दूरी को तय करने में 4 से 5 दिन लगते हैं जापानी ट्रेनों का तो मुकाबला ही नहीं है, बेहद तेज गति और यहां की जापान की ट्रेनें सबसे ज्यादा यात्री धोती हैं जापान और फ्रांस में 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है,” चाची जी आपने यह तो बताया ही नहीं कि कब चलना शुरू हुई? और भारत में रेल की शुरुआत कब हुई? भालू जी बहुत देर से चुप बैठे थे तो उन्होंने पूछा,” अरे अरे हां यह तो बताना मैं भूल ही गई थी” सर्वप्रथम पंद्रह सौ में कोयला ढोने के लिए ट्राली का प्रयोग किया जाता थ,  यह ट्राली लकड़ी की पटरी पर चलती थी, यह रेलवे की शुरुआत थी ,सार्वजनिक रूप से 1825 में इंग्लैंड के जॉर्ज स्टीफनसन ने रेलवे से परिचित कराया ,पहले ट्रेन भाप के इंजन से चलती थी, जिसकी रफ्तार बहुत कम होती थी ,”18 सो 79 में इलेक्ट्रिक इंजन की शुरुआत हुई “जिसे रेलों की गति बढ़ गई भारत में भी अंग्रेजों ने ही रेलवे की शुरुआत की,” सर्वप्रथम 16 अप्रैल 18 सो 53 में मुंबई से थाने तक पहली रेल चली” जिस चली वाष्प इंजन के बाद कोयले की शक्ति से भी रैली चली, आजकल बिजली से चलती है, कुछ रेलों में लाइब्रेरी डॉक्टरी सहायता टेलीफोन सेवा खाने पीने की व्यवस्था और वातानुकूल की व्यवस्था होती है ,”तुम्हें यह भी बता दूं कि अमेरिका में शिकागो से सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन “है चाची जी कैसी हैं क्या इन्हें हम रोक सकते हैं पेड़ की डाली से उतर कर बोला ,ट्रेनों को तो ड्राइवर ही रोक सकता है ,कई बार ट्रेनों को किसी कारणवश चीन पुलिस द्वारा भी रोका जाता है, ट्रेनों को लूटते समय लुटेरे चेन खींच कर ट्रेन रोक लेते हैं तुम्हें बता दूं कि आलlaska में एक जगह केवल हाथ के इशारे से ही ट्रेन को रोका जा सकता है ,अलास्का रेल रोड के 55 मील लंबे रास्ते पर ना तो कोई प्लेटफार्म है और ना ही कोई टिकट खिड़की, अथवा सिग्नल, “दुनिया में अकेली जगह है जहां बस या टैक्सी की तरह ट्रेन को हाथ के इशारे पर रोका जाता है” जंगलों पहाड़ों नदी नालों और बर्फ से ढके पहाड़ों वाले इस रूट पर दो बोगियों की ट्रेन हरिकेन टर्न रन हर माह में एक बार चलती है ,पहले यारोंj चलती थी इस ट्रेन का उपयोग क्षेत्र में रहने वाले तथा से सपाटे के लिए आने वाले करते हैं ,सभी जानवरों ने ट्रेन के बारे में इतनी सारी बातें बताने के लिए लोमड़ी चाची को धन्यवाद दिया और फिर अपने अपने घर चल दिए l

Amar Deep Pathik

Amar Deep Pathik

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